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पति का परिवार से अलग होने से इनकार करना पड़ा महंगा, पत्नी ने काट दी गर्दन

आरा :भोजपुर जिले के सिकरहट्टा थाने के पनवारी गांव में रविवार को एक पत्नी ने पति का ही गला काट दिया. पति का कसूर इतना था कि पत्नी उस पर परिवार से अलग होने का दबाव बना रही थी, जिसको उसने इनकार कर दिया. पति के इनकार करने के बाद पत्नी ने धारदार हथियार से गला रेत डाला. आनन-फानन में पति को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वह जीवन और मौत के बीच झूल रहा है. जख्मी पति पनवारी गांव निवासी सलाउद्दीन मंसूरी बताया जाता है, जो समसुद्दीन का पुत्र है. घटना को अंजाम देकर भाग रही पत्नी को घरवालों ने धर दबोचा और पुलिस को सौंप दिया. इस मामले में पति सलाउद्दीन मंसूरी के बयान पर अपनी पत्नी जुलेखा खातून पर नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है.

बताया जा रहा है कि सलाउद्दीन और जुलेखा के बीच विगत पांच वर्षों से अनबन चल रहा है. इसको लेकर कोर्ट में मामला भी दर्ज है. जख्मी पति ने बताया कि रविवार की सुबह वह अपने पत्नी से खाना बनाने के लिए पूछने गया. इसी बीच दोनों के बीच नोकझोंक हुई और पीछे से पत्नी ने अपने ही पति पर धारदार हथियार से गर्दन पर वार कर दिया. घटना को अंजाम देकर वह भागने के फिराक में थी, लेकिन हो- हल्ला सुनकर घर के लोग जुट गये और उसे पकड़ लिया.

परिवार से अलग होने के लिए पति और पत्नी के बीच चल रहा था झगड़ा

जख्मी सलाउद्दीन ने बताया कि 16 साल पहले उसकी शादी हुई थी. उसके दो बच्चे भी हैं. विगत पांच साल पहले से ही वह परिवार से अलग होने का दबाव बना रही थी, लेकिन मैं उसकी बातों को नजरंदाज करते गया. इसको लेकर वह नाराज रहती थी. अक्सर वह मायके में ही रहती थी.

कोर्ट के आदेश पर फरवरी से पनवारी में रह रही थी

बीते वर्ष जुलेखा खातून द्वारा सलाउद्दीन मंसूरी पर मारपीट करने और घर से निकालने का मामला महिला थाने में दर्ज कराया गया था. महिला थाने में जुलेखा द्वारा दिये गये आवेदन में अपने पति पर चाची के साथ अवैध संबंध होने का आरोप भी लगाया गया था. इस मामले में पूरे परिवार को जुलेखा ने नामजद किया था, जो मामला कोर्ट में चल रहा है. फरवरी माह में कोर्ट द्वारा आदेश दिया गया था, जिसके बाद जुलेखा पनवारी में ही रह रही थी, लेकिन अक्सर पति से अलग होने का दबाव बनाती रही. मौका पाकर रविवार को पति का गर्दन ही रेत दिया.

कोर्ट के आदेश पर फरवरी से पनवारी में रह रही थी