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दरभंगा इंजीनियर डबल मर्डर केस : संतोष झा व मुकेश पाठक सहित सभी दोषियों को उम्रकैद

दरभंगा :बिहार में दरभंगा के बहेड़ी में दोहरे इंजीनियर हत्याकांड मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम रूपेश देव की अदालत ने संतोष झा व मुकेश पाठक सहित सभी दस दोषियों को आजीवन कारावास के साथ अर्थदंड की सजा सुनाई है. सजा के बिंदु पर सुनवाई के पश्चात अदालत ने बुधवार को अपना फैसला सुनाया. अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक अनिल कुमार सिंह ने घटना को रेयरेस्ट ऑफ द रेयर बताया. कहा कि यह समाज के प्रति अपराध है. उन्होंने दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की. वहीं दूसरी ओर बचाव पक्ष के अधिवक्ता कौशर इमाम हाशमी व प्रकाश स्वरूप सिंह ने दोषियों को कम सजा देने की मांग की.

दोनों पक्षों की सुनवाई के पश्चात अदालत ने अपना फैसला सुनाया. 86 पन्नों के निर्णय में अदालत ने सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. अदालत ने दोषी संतोष झा को भादवि की धारा 302/109 में उम्रकैद एवं बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई. अर्थदंड की राशि नहीं देने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी. वहीं भादवि की धारा 387/109 में सात वर्ष कारावास व 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई. अर्थदंड की राशि नहीं देने पर छह माह सश्रम कारावास, धारा 120(बी) में आजीवन कारावास एवं 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है. अर्थदंड की राशि नहीं देने पर एक वर्ष सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी. अदालत ने मुकेश पाठक को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 में आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है. अर्थदंड की राशि नही देने पर एक वर्ष सश्रम कारावास, धारा 387/109 में सात वर्ष कारावास और 15 हजार रुपये अर्थ दंड, अर्थदंड नहीं देने पर छह माह सश्रम कारावास व 120(बी) के तहत आजीवन कारावास और 20 हजार अर्थदंड और अर्थदंड नहीं देने पर एक वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. वहीं आर्म्स एक्ट की धारा

अदालत ने विकास झा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 में आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है. अर्थदंड की राशि नहीं देने पर एक वर्ष सश्रम कारावास, धारा 387/ 109 में सात वर्ष कारावास और 15 हजार रुपये अर्थ दंड, अर्थदंड नहीं देने पर छह माह सश्रम कारावास, व 120(बी) के तहत आजीवन कारावास और 20 हजार अर्थदंड और अर्थदंड नहीं देने पर एक वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. वहीं, आर्म्स एक्ट की धारा 27(2) में दस वर्ष सश्रम कारावास और 20 हजार अर्थदंड और अर्थदंड नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने नीकेश दूबे को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 में आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है. अर्थदंड की राशि नहीं देने पर एक वर्ष सश्रम कारावास, धारा 386/ 109 में दो वर्ष कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड, अर्थदंड नहीं देने पर एक माह सश्रम कारावास एवमं 120(बी) के तहत आजीवन कारावास और 20 हजार अर्थदंड और अर्थदंड नहीं देने पर एक वर्ष सश्रम कारावास 387 में सात वर्ष 15 हजार रुपये अर्थदंड और अर्थदंड नहीं देने पर छह माह सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. जबकि आ

अदालत ने अभिषेक झा को भारतीय दंड संहिता की धारा 386/ 109 में दो वर्ष कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड, अर्थदंड नहीं देने पर एक माह सश्रम कारावास, धारा 387 में सात वर्ष 15 हजार रुपये अर्थदंड और अर्थदंड नहीं देने पर छह माह सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. वहीं 120 बी में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. वहीं आर्म्स एक्ट की धारा 27(2) में दस वर्ष सश्रम कारावास और 20 हजार अर्थदंड और अर्थदंड नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है. दोषी पिंटू तिवारी, पिंटू झा, मुन्नी देवी, पिंटू लाल देव उर्फ अजय कुमार को अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 में आजीवन कारावास व 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है. अर्थदंड की राशि नहीं देने पर एक वर्ष सश्रम कारावास, धारा 386/ 109 में एक वर्ष कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड और अर्थ दंड की राशि नहीं देने पर एक वर्ष सश्रम कारावास, भारतीय दंड संहिता की धारा 387/109 में पांच वर्ष दस हजार रुपये अर्थदंड और अर्थदंड नहीं देने पर तीन माह सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. वहीं 120 (बी) में आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड और अर्थदंड नहीं देने पर छ

बता दें कि 26 दिसंबर 2015 को बहेड़ी थाना क्षेत्र के शिवराम चौक पर एसएच-88 का निर्माण कार्य करा रहे बीएससी और सी एंड सी के इंजीनियर मुकेश कुमार और ब्रजेश कुमार की दिनदहाड़े एके-47 से अंधाधुंध गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी. इसके बाद मुकेश पाठक और विकास झा सहित अन्य अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी 270/2015 दर्ज की गयी थी.